धर्म: चिंतन, रक्षण और आरक्षण,

5000 साल पेहले के प्राचीन वेदो मे जो शांती का तत्वज्ञान है,
वही 2000 साल पेहले के बायबल मे पाये गये,
वही 1400 साल पेहले के कुरान मे पाये गये.

लेकिन दुसरे धर्म के प्रती द्वेश और धर्मांतर कि कल्पना सिर्फ बायबल और कुरान मे क्यो है?

हिंदु धर्म काफी व्यापक है.जिसमे कोइ वस्तु इन्सान या कल्पना भी देव या देवता मानी जा सकती है.
ये जो मुर्तीया और तस्वीरे आप देखते है, वो मनुक्ष्य कि कल्पनाए है. मुल हिंदु धर्म वेदो पे आधारीत है, जिसमे निसर्गपुजा प्रतित होती है.

ब्रम्हा विष्णु महेश ये निर्माण पालन और संहार के प्रतिक है.
देव देवता मानसिक शक्तीया है,
और धर्म इन शक्तियो का सुत्रबद्ध संयोग है.

कोइ देवता इन्सान के जन्म और मृत्यु के लिये जिम्मेदार नही.
हिंदु संस्कृती सिर्फ मुर्ती पुजा पाठ नही है. हिंदु संस्कृती तत्वज्ञान और विचारधारा है, कोई भी कल्पना विचार प्रतिमा वस्तु जिवित या मृत व्यक्ती पुज्य हो सकते है.

हिंदुत्व के अनुसार देव-देवता निसर्ग के प्रतिनिधी है, ये हमारी मानसिक शक्तिया है. और धर्म इस तत्वज्ञान क संघटन है.

सच्चा धर्म चमत्कार नही करता, सच्चा धर्म अपने भक्त को इतना मजबुत बनाता है कि अपने मेहनत पे वो सबकुछ कर सकता है.

हिंदु तत्वज्ञान के अनुसार कोई भी व्यक्ती सच्चे मन से शास्त्र का अभ्यास करे तो वो उच्च पद और अधिकार पा सकते है. कोइ भी जाती-पाती के लोग अपने कर्मसे अधिकारी बन सकते है. इस तत्वज्ञान का गलत अर्थ लगाने वाले धर्म के दलालो ने अधिकार को जन्म से जोड दिया और जाती-पाती कि उच्च-निच्चता शुरु हो गयी. इसे परकीय आक्रमको ने बढावा दिया.

स्वतंत्रता के बाद सरकार ने जन्म-मृत्यु-शिक्षा-रोजगार-व्यवहार सभी दस्तावेजो पे धर्म-जाती लिखना शुरु किया. ये निधर्मी कैसे? जो सरकार आरक्षण आर्थिक आरक्षण से ज्यादा धार्मिक आरक्षण देती रही वो सर्वधर्म समभाव कैसे पालन करे?

आज अगर हम आरक्षित समाज , जो 4थी पिढी के है उन्हे विनंती करे के वो शास्त्र का अभ्यास करके ब्राम्हण या जो चाहे उच्च जाती के बन जाये, तो वो आरक्षण छोडने को क्यु तयार नही है?

आप हिंदु बाबा बापु मा पे हसते हो, अंधश्रद्धा का मजाक उडाते हो. लेकीन ये तो धर्म के व्यापारी बन चुके है, जो धर्म का गलत फायदा उठा रहे है.

कोई धर्म चमत्कार के काबिल नही है, कोई बाबा मौलवी पाद्री चमत्कारी नही है, अगर कोई भी धर्म के नाम पे चंदा मांगके धंदा करे तो सावध रहिये.

अगर आप विश्वास करते हो तो धर्म रक्षा और मार्गदर्शन के लिये गुरुदक्षिणा दिजीये.  धर्म कोइ बाजार नही जहा आप इंवेस्ट करो और चमत्कार के इंटरेस्ट पे आप को मुनाफा हो जाये.

हिंदु धर्म उपासक आंतरिक्ष खगोल वैद्यक गणित भुमिती स्थापत्य इत्यादी शास्त्र मे पारंगत थे.
वेदो मे जो विज्ञान और शास्त्र बताये है , वो आज भी कार्यरत है. लेकीन 800 साल के इस्लामी और 200 साल के युरोपीय आक्रमणो मे सब कुछ नष्ट करने का प्रयास किया गया. युरोपीय विज्ञान कई बार गलत साबीत हुए है. इस्लाम मे तो विज्ञान शास्त्र और कला को कोई स्थान ही नही.

जो लोग रामायण-महाभारत को झूट साबीत करना चाहते है,
वो आंखे खोलके देख सकते है कि, आज आधुनिक भारत, युरोप-अमेरीका के लोग वैसे ही जिंदंगी ( machines, missiles & medicines) जी रहे है.

 कुछ धंदे वालो ने पौराणिक कल्पनाओ को अपने फायदो के लिये इस्तेमाल कर रहे है. और यही कल्पनाए लेकर हिंदु धर्म का मजाक उडाया जाता है.

हिंदु संस्कृती शांतता का पुरस्कार करती है, साथ मे अन्याय का विरोध करना सिखाती है.

कभी आपने देखा या सुना है ,
कोई हिंदु "हर हर महादेव" का जप करते हुए निहत्तो पे गोलिया चलाने लगा और विस्फोट कर दिये?

पुरे विश्व मे जहा अशांती है, वहा कौनसे धर्म के लोग ज्यादा है?

भारतीय उपखंड मे बसी हुई संस्कृती को इस्लामिक और  युरोपिअन आक्रमकोने धर्मांतर और लुट के जरीये नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन सहिष्णु हिंदु संस्कृती सब सेहती रही. आज भी जो धर्म के नाम पे झगड रहे है, उ न्हे बता दु कि हमारे पुर्वज 2000 साल पेहले से हिंदु संस्कृती के वारस थे.

इसिलिये मे आज भी सबको एक धर्मीय मानता हु. धार्मिक अत्याचार के वजह से दुसरे धर्म को स्वीकार करनेवाले आज भी खुद को हिंदु मान सकते है. आप कुराण बायबल या कोई भी ग्रंथ पढो, लेकिन आप दुसरे विचारधारा का आदर करते हो , तो आप फिर भी हिंदु हो.

हिंदु धर्म संस्कृती का तत्वज्ञान बायबल और कुरान से 3000 साल प्राचीन है, फिर भी आधुनिक जीवन पद्धती के लिये उपयुक्त (विज्ञान शास्त्र और कला) साबित हुआ है. बाकी धर्म जो सिर्फ किताबो पे आधारीत है, वो द्वेश और धर्मांतर काअ पुरस्कार करते रहे, हिंदुत्व शांती सहिष्णुता और सर्वसमावेशकता का पुरस्कार करता रहा.

अगर आप सिर्फ हिंदु संस्कृती का द्वेश करते हो, तो जरुर आपके ग्रंथ मे जो द्वेश का आदेश दिया है उसी का आप पालन कर रहे हो.

अधिक जानकारी के लिये निधर्मी ग्रंथ, बायबल और कुरान पढिये,
सत्य जानकारी के लिये इतिहास पढिये.

आपके ईश्वर आप को आपके मुक्काम तर जरुर और जल्दहि पहुचाये, ये हमारी प्रार्थना है.


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