देव देवता और धर्म

हिंदु धर्म काफी व्यापक है.

जिसमे कोइ वस्तु इन्सान या कल्पना भी देव या देवता मानी जा सकती है.

ये जो मुर्तीया और तस्वीरे आप देखते है, वो मनुक्ष्य कि कल्पनाए है.

सच्चा हिंदु धर्म वेदो पे आधारीत है, जिसमे निसर्गपुजा प्रतित होती है.

ब्रम्हा विष्णु महेश ये निर्माण पालन और संहार के प्रतिक है.

देव देवता मानसिक शक्तीया है,
और धर्म इन शक्तियो का सुत्रबद्ध संयोग है.

कोइ देवता इन्सान के जन्म और मृत्यु के लिये जिम्मेदार नही.

हिंदु धर्म उपासक आंतरिक्ष खगोल वैद्यक गणित भुमिती स्थापत्य इत्यादी शास्त्र मे पारंगत थे.
लेकीन 800 साल के इस्लामी और 200 साल के युरोपीय आक्रमणो मे सब कुछ नष्ट करने का प्रयास किया गया.

इतिहास गवाह है कि, इस्लाम जहा भी गया,
वो प्रदेश पीछे रह गया.
आज भी इस्लामिक प्रदेशो कि चकाचौंध बाकी धर्मोके व्यापारी लेके आये है.

फिर कुछ धंदे वालो ने पौराणिक कल्पनाओ को अपने फायदो के लिये इस्तेमाल किया.
और यही कल्पनाए लेकर हिंदु धर्म का मजाक उडाया जाता है.

वेदो मे जो विज्ञान और शास्त्र बताये है ,
वो आज भी कार्यरत है.

लेकिन युरोपीय विज्ञान कई बार गलत साबीत हुए है. इस्लाम मे तो विज्ञान और कला को कोई स्थान ही नही.

जो लोग रामायण-महाभारत को झूट साबीत करना चाहते है,
वो आंखे खोलके देख सकते है कि, आज आधुनिक भारत , युरोप-अमेरीका के लोग वैसे ही जिंदंगी ( missile & surgeries) जी रहे है.

अधिक जानकारी के लिये बायबल और कुरान पढिये,
सत्य जानकारी के लिये इतिहास पढिये.

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