निधर्मी पत्रांगना देशके स्वास्थ्य के लिये क्यो हानिकारक है?

निधर्मी पत्रांगना देशके स्वास्थ्य के लिये क्यो हानिकारक है?

जब इन्हे कुछ मिलता नही तो धार्मिक मुद्दे उछाले जाते है.

पिछले कुछ साल मे तो यही देखा गया है.

जब ये लोग बाबा रामदेव कि राष्ट्रसेवा कि तपश्चर्या भंग करने चले गये.
जब कुछ कर नही पाये, तो चुप बैठ गये.

अब आसाराम और राधे मा कि चलती कम हो गयी तो TRP के लिये उनके पीछे पड गये.

अगर धार्मिक भावनाओ को उछालना है, तो वशीकरण स्पेशालिस्ट बाबा बंगालीयो को भी थोडा टाईम देखो.

लेकीन ये पत्रांगना को डर है के चाल उलटी ना पड जाये.
क्योकी लगभग सभी वशीकरण स्पेशालिस्ट "खान"दानी वॉंटेड अपराधी है, जो हर जगह पे पोस्टर लगाते है, लेकिन पुलिस या मिडीया को दिखाई नही देते.
ये वशीकरण स्पेशालिस्ट के नाम ठीक से पढिये. लगभग सभी बाबा एक ही धर्म के है.

ये पत्रांगना जिन गुंडोसे फोन पे बात करते है , वो कौनसे धर्म के है?

हर धर्म की कुछ कमीया है, राजकारण और अर्थकारण के लिये ये कमीया इस्तेमाल होती है. वोट बॅंक के लिये यही काम आती है.

अपने धर्म का सन्मान किजीये,
और सत्य जानने के लिये इतिहास पढिये.

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