मेरा मकसद किसी के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नही है। मेरा मकसद किसी धर्म विशेष या समुदाय विशेष के प्रति नफरत फैलाना नही है। सिर्फ एक debate की तहत कुरान के आधार पर लिख रहा हूँ। यदि किसी को इनमे गलती नज़र आये तो कृपया प्रकाश डालें।
1 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ . "तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69
2 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो . "अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो.सूरा अत तलाक -65 :4
3 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो. "जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 और 4 :24
4 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो . "इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .माँ तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2
5 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं . "हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50
6 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये . "यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा.सूरा अन नूर -24 :13
7 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा . "तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40
8 -इतनी लड़ाई करो कि दुनियामे सिर्फ इस्लाम ही बाकी रहे . "यहां तक लड़ते रहो ,जब तक दुनिया से सारे धर्मों का नामोनिशान मिट जाये.केवल अल्लाह का धर्म बाक़ी रहे.सूरा अन फाल-8 :39
9 -अवसर आने पर अपने वादे से मुकर जाओ . "मौक़ा पड़ने पर तुम अपना वादा तोड़ दो ,अगर तुमने अलाह की कसम तोड़ दी,तो इसका प्रायश्चित यह है कि तुम किसी मोहताज को औसत दर्जे का साधारण सा खाना खिला दो .सूरा अल मायदा -5 :89
10 - इस्लाम छोड़ने की भारी सजा दी जायेगी . "यदि किसी ने इस्लाम लेने के बाद कुफ्र किया यानी वापस अपना धर्म स्वीकार किया तो उसको भारी यातना दो .सूरा अन नहल -16 :106
11 - जो मुहम्मद का आदर न करे उसे भारी यातना दो "जो अल्लाह के रसूल की बात न माने ,उसका आदर न करे,उसको अपमानजनक यातनाएं दो .सूरा अल अहजाब -33 :57
12 -मुसलमान अल्लाह के खरीदे हुए हत्यारे हैं . "अल्लाह ने ईमान वालों के प्राण खरीद रखे हैं ,इसलिए वह लड़ाई में क़त्ल करते हैं और क़त्ल होते हैं .अल्लाह ने उनके लिए जन्नत में पक्का वादा किया है .अल्लाह के अलावा कौन है जो ऐसा वादा कर सके .सूरा अत तौबा -9:111
13 -अपनी औरतों को पीटो. "अगर तुम्हारी औरतें नहीं मानें तो पहले उनको बिस्तर पर छोड़ दो ,फिर उनको पीटो ,और मारो सूरा अन निसा - 4 :34
14 -काफिरों के साथ चाल चलो . "मैं एक चाल चल रहा हूँ तुम काफिरों को कुछ देर के लिए छूट देदो .ताकि वह धोखे में रहें अतता.सूरा रिक -86 :16 ,17
15 -"जो औरतें अपनी जवानी के दिन गुजार चुकी हैं और जब उनकी शादी की कोई आशा नहीं हो ,तो अगर वह अपने कपडे उतार कर रख दें तो इसके लिए उन पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन नूर -24 :60
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The Noble Qur'an - القرآن الكريم
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1 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ . "तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69
2 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो . "अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो.सूरा अत तलाक -65 :4
3 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो. "जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 और 4 :24
4 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो . "इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .माँ तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2
5 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं . "हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50
6 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये . "यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा.सूरा अन नूर -24 :13
7 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा . "तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40
8 -इतनी लड़ाई करो कि दुनियामे सिर्फ इस्लाम ही बाकी रहे . "यहां तक लड़ते रहो ,जब तक दुनिया से सारे धर्मों का नामोनिशान मिट जाये.केवल अल्लाह का धर्म बाक़ी रहे.सूरा अन फाल-8 :39
9 -अवसर आने पर अपने वादे से मुकर जाओ . "मौक़ा पड़ने पर तुम अपना वादा तोड़ दो ,अगर तुमने अलाह की कसम तोड़ दी,तो इसका प्रायश्चित यह है कि तुम किसी मोहताज को औसत दर्जे का साधारण सा खाना खिला दो .सूरा अल मायदा -5 :89
10 - इस्लाम छोड़ने की भारी सजा दी जायेगी . "यदि किसी ने इस्लाम लेने के बाद कुफ्र किया यानी वापस अपना धर्म स्वीकार किया तो उसको भारी यातना दो .सूरा अन नहल -16 :106
11 - जो मुहम्मद का आदर न करे उसे भारी यातना दो "जो अल्लाह के रसूल की बात न माने ,उसका आदर न करे,उसको अपमानजनक यातनाएं दो .सूरा अल अहजाब -33 :57
12 -मुसलमान अल्लाह के खरीदे हुए हत्यारे हैं . "अल्लाह ने ईमान वालों के प्राण खरीद रखे हैं ,इसलिए वह लड़ाई में क़त्ल करते हैं और क़त्ल होते हैं .अल्लाह ने उनके लिए जन्नत में पक्का वादा किया है .अल्लाह के अलावा कौन है जो ऐसा वादा कर सके .सूरा अत तौबा -9:111
13 -अपनी औरतों को पीटो. "अगर तुम्हारी औरतें नहीं मानें तो पहले उनको बिस्तर पर छोड़ दो ,फिर उनको पीटो ,और मारो सूरा अन निसा - 4 :34
14 -काफिरों के साथ चाल चलो . "मैं एक चाल चल रहा हूँ तुम काफिरों को कुछ देर के लिए छूट देदो .ताकि वह धोखे में रहें अतता.सूरा रिक -86 :16 ,17
15 -"जो औरतें अपनी जवानी के दिन गुजार चुकी हैं और जब उनकी शादी की कोई आशा नहीं हो ,तो अगर वह अपने कपडे उतार कर रख दें तो इसके लिए उन पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन नूर -24 :60
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